वसंतकुमार रस (स्वर्णयुक्त)
ID: 2330

वसंतकुमार रस (स्वर्णयुक्त)

ID: 1814

सब प्रकार के प्रमेह, मधुमेह, राजयक्षमा, बहुमूत्र, सोमरोग, उन्माद, असंयम के कारण होने वाली दुर्बलता, स्नायु, दौर्बल्य आदि में लाभदायक है। कामोत्तेजक, कांति बढ़ाने वाला है।

वसंत कुसुमाकर रस के घटक द्रव्य

प्रवाल पिष्टी – 40 ग्राम
रस सिन्दूर – 40 ग्राम
मुक्तापिष्टी – 40 ग्राम
अभ्रक भस्म – 40 ग्राम
रौप्य (चांदी) भस्म – 20 ग्राम
सुवर्ण भस्म – 20 ग्राम
लोह भस्म – 30 ग्राम
नाग भस्म – 30 ग्राम
बंग भस्म – 30 ग्राम
अम्बर – 20 ग्राम
अन्य पदार्थ निर्माण -विधि के अनुसार आवश्यक मात्रा में।

मात्रा 1 रत्ती प्रातः व सायं शहद व मक्खन या अन्य अनुपात से।

नोटः मधुमेह में शहद का उपयोग न करे।

वसंत कुसुमाकर रस के लाभ

मधुमेह के लिए लाभदायक

इसके एंटी-डायबिटिक और एंटी-हाइपरग्लाइसेमिक गुण इसे टाइप 1 और 2 डायबिटीज के लिए एक अच्छा इलाज इलाज है।

साथ मे हलदी और आंवला चुर्ण का भी उपलबउपयोग करे। तो बहुत अच्छे रिजेल्ट आते हैं।

यह शुगर के इलाज में भी मदद करता है क्योंकि यह रिकवरी को तेज करता है, सूजन और लालिमा को कम करता है।

और यह हर इन्फेक्शन को भी रोकता है। लेकिन इसे सिर्फ 5 सप्ताह तक ही उपयोग किया जा सकता है।

उसके बाद आप सिद्ध मधुमेह नाशक योग ले सकते जो आप की शुगर को सदा नॉर्मल रखेगा ।

सिद्ध मधुमेह योग :शुगर रोग में 100 % लाभदायक*

सिद्ध मधुमेह नाशक योग
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⏯️ सेवन विधि -*
⏯️ 1-चम्मच मधुमेह चुर्ण
⏯️ 1 गोली चदर्भर वटी
⏯️ 1 कैप्सुल D-CURE gold

सभी एक ख़ुराक है। सुबह शाम पानी से सेवन करे औऱ साथ दूध का सेवन करे।

ID: 1788

शुगर, यूरिक, दर्द, केलोस्ट्रोल,शरीर की कमजोरी, sex कमजोरी, दिमागी कमजोरी,मोटापा,शरीर के जख्म, आंखों की कमजोरी औऱ शुगर के सभी रोगों को करे जड़ से करे खत्म।

ID: 1791

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