सिद्ध मोटापा नाशक कल्पचूर्ण -अब मोटापे से दुःखी होने की बात नही रही हैं।
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सिद्ध मोटापा नाशक कल्पचुर्ण


विश्वास का एक नाम है -सिद्ध आयुर्वेदिक क्योंकि सिद्ध आयुर्वेदिक की हर दवा कारगर हैI

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बाजार में  मिलने वाली दवाएं हड्ड़ी रोग का कारण बन सकती हैं।*

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सिद्ध मोटापा नाशक कल्पचुर्ण के फायदे
मोटापा कम करने  के साथ साथ  यह भी फायदे होंगे

☑️ अधिक वजन होने से ट्राइग्लिसराइड्स जाते हैं और एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) भी बढ़ जाते है।
☑️ यह चुर्ण कॉलोस्ट्रल को ठीक करेगा।
☑️खून शुद्वि होगी ।

☑️वातरोग और कफ़ रोग  ठीक होगा होगा।
☑️ लीवर सिरोसिस, फैटी लीवर, पीलिया, यकृत का बढ़ना आदि में इसके सेवन से लाभ मिलता है ।
☑️ आंतो के विकारों में भी इसका सेवन लाभ दायक होता है | इसके सेवन से आंते साफ होती है एवं अगर कोई आंतो का इन्फेक्शन है तो वह भी ठीक होता है ।
☑️ सभी प्रकार की ज्वर व्याधियों में आयुर्वेदिक चिकित्सक इसका प्रयोग करते है | जैसे जीर्ण ज्वर, सामान्य ज्वर, सनिपाताज ज्वर आदि में ।

☑️ शरीर में कंही पर भी इन्फेक्शन में इसका प्रयोग किया जा सकता है | इसके प्रयोग से इन्फेक्शन में आराम मिलता है |
☑️ शरीर को सामान्य बिमारियों से रक्षा करती है ।
☑️ रोगप्रतिरोधक क्षमता का विस्तार होता है ।
☑️ लीवर फंक्शन को ठीक रखती है ।
☑️ शरीर की धातुओं को पौष्ण मिलता हा जिससे शरीर में ओज की व्रद्धी होती है ।
☑️ मोटापा नाशक कल्पचुर्ण  को लेने से शरीर से अनावश्यक चर्बी ख़त्म  हो जाती है।

☑️ शरीर में रक्त का परिसंचरण तीव्र होता है।
☑️ ह्रदय रोग से बचाव होता है तथा बुरा कोलेस्ट्रोल घटता है।
☑️ पुरानी कब्जी से होेने वाले रोग दूर होते है।
☑️ पाचन शक्ति बढ़ती है।

☑️ गठिया वादी हमेशा के लिए समाप्त होती है।
☑️ दांत मजबूत बनते है। हडिंया मजबूत होगी।
☑️ आॅख का तेज बढ़ता है
☑️ कानों से सम्बन्धित रोग व बहरापन दूर होता है।

☑️ शरीर में अनावश्यक कफ नहीं बनता है।
☑️ कार्य क्षमता बढ़ती है, शरीर स्फूर्तिवान बनता है। घोड़े के समान तीव्र चाल बनती है।
☑️ चर्म रोग दूर होते है, शरीर की त्वचा की सलवटें दूर होती है, टमाटर जैसी लालिमा लिये शरीर क्रांति-ओजमय बनता है।

☑️ स्मरण शक्ति बढ़ती है तथा कदम आयु भी बढ़ती है, यौवन चिरकाल तक बना रहता है।
☑️ यह पहले ली गई एलोपेथिक दवाईयों के साइड इफेक्ट को कम करती है।
☑️ शुक्र (डायबिटिज) नियंत्रित रहती है।*
☑️ बालों की वृद्धि तेजी से होती है।

सिद्ध मोटापा नाशक कल्पचूर्ण में उपयोगी अयुर्वेदिक जड़ी बूटियां और मात्रा।    
कुटकी                  500 ग्राम
त्रिफला                 500 ग्राम
इंद्रयाण अजवाइन 500 ग्राम
चित्रकमूल           300 ग्राम
पिपली छोटी         300 ग्राम
अर्जन छाल           300 ग्राम
सोंठ                     300 ग्राम
सर्पगन्धा               300 ग्राम
बेल चुर्ण               300 ग्राम
शुद गूगल              300 ग्राम
जौंखार                 200 ग्राम
छूटी हरड़              200 ग्राम
इमली                   200 ग्राम
पोदीना पंचाग        100 ग्राम
दारू हल्दी            100 ग्राम
मेथी                    100 ग्राम
कंलोंजी               100 ग्राम
आवला                100 ग्राम
धनिया                 100 ग्राम
कुटकी                 100 ग्राम
कालीजीरी             50 ग्राम
चिरायता               50 ग्राम
भूमि आवला          50 ग्राम
शुद्ध शिलाजी        10 ग्राम
काली मिर्च            20 ग्राम
सफ़ेद जीरा           50 ग्राम
काला जीरा           50 ग्राम 
कुडू                     50 ग्राम 
5 ओर जड़ी बूटियों का मिश्रण

सभी को कूट पीस कर चूर्ण बना ले । सभी चुर्ण को 1 लीटर एलोवेरा रस में भावना दे। 24 घंटे बाद फिर 1 लीटर एलोवेरा रस में भावना दे। साया में सुखाए। 

       सूखने के बाद -सेवन विधि
प्रतिदिन आपको इसमें से 3 बार  सुबह खाने से पहले गुनगुने पानी से  ,दुहपर और शाम को खाने के बाद गुनगुने पानी से  5- 5 ग्राम लेना है । यह साधारण उपयोग है। 

                 दूसरा उपयोग
 सौंफ पानी से ले तो  और भी अच्छे प्रमाण आ सकते है।
 ( 100 ग्राम सौंफ़ को 750 मिलिगग्राम पानी मे उबालकर रखे। दिन में इसी पानी से 3 बार दवा ले। सौंफ़ और पानी की 10 उबाली दे
      1महीने  में 2 से 5 किलो वजन कम होगा।
       पेट बढ़ा है 2 से 3 इंच कम हो जाएगा।

    तीसरा उपयोग- करेला जूस से
*मोटापा नाशक कल्पचुर्ण दिन में 3 बार खाने से 1घंटा पहले गर्म पानी से सेवन करे।100 ग्राम करेले जूस के साथ ले तो डबल फायदा होगा।

             ? *करेला जूस ऐसा बनाए*?
*3 करेला का जूस ले 200 ml पानी मिलाएं । 2 चमच्च मेथी दाना भुना हुआ जूस में मिलाएं। 300 ml के करीब बने जूस को 100 -100 ml कर दिन में 3 बार  दवा के साथ ले।*

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          साथ यह भोजन करे
गेहूं, चावल,बाजरा और साबुत मूंग को समान मात्रा में लेकर सेककर इसका दलिया बना लिजिएं। इस दलिये में अजवायन 20 ग्राम तथा सफ़ेद तिल 50 ग्राम भी मिला दें। 50 ग्राम दलिये को 400 मि.ली.जल में पकाएं।
 स्वादानुसार सब्जियां और हल्का नमक मिला लिजिएं। रोजाना एक महीनें तक इस दलिये के सेवन से मोटापा और मधुमेह में आश्चर्यजनक लाभ होता है।
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पहले माह तेजी से घटता है लगभग छ: से सात किलो फिर थोडा कम घटेगा। 
आप इसे आगे भी जारी रख सकते है जब आपको लगे कि आपका वजन और चर्बी अब आपके लिए पर्याप्त है दवा को बंद कर सकते है।

★ आवश्यक परहेज भोजन और परहेज :
          मोटापे से परेशान व्यक्ति को मुद्ग, जौ, मूंग का रस, मक्खन, गर्म पानी, बाजरा, गेहूं, ताजा दूध, मुनक्का, संतरा, टमाटर, मसूर, छाछ आदि का सेवन करना चाहिए। मोटे व्यक्ति को प्रतिदिन सुबह टहलना चाहिए और थोड़ी-बहुत मेहनत भी करनी चाहिए। रोगी को पतला करके दूध, फलों का रस, कॉफी, गर्म करके पीना चाहिए।

          मोटापे के रोगी को गाय का दूध, देशी घी, गाढ़ी दाल, चावल, आलू, गर्म दूध, चीनी से बने पदार्थ, पनीर, आइसक्रीम, मिठाइयां, मांसाहारी भोजन, अधिक चिकनाई व चटपटा पदार्थ, सांभर, सूप, बिस्कुट, केक, नमकीन पदार्थ, जेली, मिठाइयां, बाहर का खाना, देर रात पार्टियों में खाना, नए शालि चावल आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। शीतल पानी से नहाना मोटापे के लिए हानिकारक होता है।
तली भुनी चीजे, फास्ट-फ़ूड तथा रिफाइंड आयल का प्रयोग न करे।

साथ मे यह करे।

आहार-तालिका
मोटापे को कम करने के लिए खाने के सम्बंध में कुछ दिशा-निर्देश नीचे दिये गए हैं जो इस प्रकार से हैं-     
दिशा-निर्देश                                                                     समय
शहद मिला हुआ एक गिलास नींबू का रस।                              6.00 बजे सुबह
एक फल और छाछ                                                               8.00 बजे सुबह
100 ग्राम कच्चा सलाद, 300 ग्राम सब्जियां,
3 चपाती, 200 ग्राम चावल, दलिया, खिचड़ी,
एक दिन छोड़कर दाल, छाछ, सूप।                                         12.00 से 1.00 बजे के बीच
फल का रस, कोई रसीला फल                                                 शाम 4.00 बजे
2 या तीन तरह के फल और
इनमें से प्रत्येक 100 ग्राम की मात्रा में लें।
200 ग्राम सब्जियां भाप में पकी हुई लें।                                    शाम 7.00 बजे
एक बड़ा चम्मच अंकुरित दाल और सूप लें।   
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