सिद्ध शीलत चूर्ण
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           गर्मी में अयुर्वेदिक तोहफा

                  सिद्ध शीतल चूर्ण

पेट की गर्मी के लिए आयुर्वेदिक चुर्ण सिद्ध शीतल कल्पचुर्ण 21 जड़ी बूटी का महत्वपूर्ण मिश्रण  के साथ। Online मंगवाए

? धातु रोग, शरीर की कमजोरी, ज्यादा पसीना आना, गर्मी में घबराहट होना, और नशों को ताकत देने वाला चुर्ण है।

? दिमाग को रखे ठंडा , बच्चों और बजुर्गों के गर्मी की राहत के लिए वरदान है *सिद्ध शीतल चुर्ण*।

? गर्भवती महिलाओं और  पेट पल रहे बचें के लिए   *सिद्ध शीतल चुर्ण* गर्मी में रामबाण है।

? पैरों से सेक निकलता है तो यह चुर्ण ले

? मुह में और सांस नली में छाले (जब खाना खाते जलन होती ) हो तो सिद्ध शीतल कल्पचुर्ण कारगर साबित होता है।

? दफ्तरों और कम्यूटर पे काम करने वाले यह चुर्ण जरूरत इस्तेमाल करे।

घर मे आसानी से बना सकते हैं आप और इसका कोई साइड इफेक्ट्स नही है

       21 जड़ी बूटी का महत्वपूर्ण मिश्रण

                सिद्ध शीतल चुर्ण

कौंचबीज बीज काला 100 ग्राम

त्रिफला             100 ग्राम

सफेद चंदन       100 ग्राम

ब्रह्मबुटी            100 ग्राम

खसखस सफेद  100ग्राम

संखपुष्पी          100ग्राम

सौंफ़                 100 ग्राम

आवला चुर्ण       100 ग्राम

तुलसी बीज        100 ग्राम

बादाम गिरी        100 ग्राम

मुलेठी का चूर्ण    100 ग्राम

मिश्री                 100 ग्राम

जीरा                    50 ग्राम

छोटी इलाची         50 ग्राम

पुदीना सत             5 ग्राम

निम्बू सत।             5 ग्राम

5 और महत्वपूर्ण जड़ी बूटी वैद्य  की देखरेख में तैयार करे ।सभी को मिलाकर चुर्ण बना ले।और चार गोंद 200 ग्राम काढ़े  में भावना दे सायं में सुखाए।

सेवन विधि 

  दिन में 3 बार 3 से 5 ग्राम बच्चों को 2 ग्राम। निम्बू पानी, छाछ, मठा पानी(दही पानी),नारियल पानी,बेल शर्बत के साथ ले।

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      सिद्ध शीतल चूर्ण के फायदे जाने

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⛑️ पेट में तेजाब बनना, पेट मे गैस, कब्ज, एसिडिटी, आंतों, मसाने की गर्मी होना या लिवर की गर्मी और सूजन होना।

⛑️ पेट में गर्मी होने पर पेट में जलन, मरोड़, दर्द और ठीक से पेट साफ़ ना होना जैसे लक्षण दिखने लगते है ।

⛑️ यह उत्तम शीतल गुणों से युक्त होती है ।पेशाब में धातु जाना,पेशाब में जलन,पेशाब में इन्फेक्शन एवं महिलाओं के श्वेत प्रदर जैसे रोगों में लाभदायक औषधि साबित होती है |

⛑️ सिद्ध शीतल कल्पचुर्ण  में एंटीबैक्टीरियल गुण होते है जो इसे और अधिक उपयोगी औषधि बनाते है |

⛑️ यह शरीर में जलन,उष्णता एवं पत्थरी के निर्माण को रोकने का कार्य करती है |

⛑️ अश्मरी रोग एवं हृदय की कमजोरी में भी यह लाभदायक परिणाम देती है 

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         ?तेजाब के लिए भी उत्तम?

⛑️ पेट की गर्मी के कारण,ज्यादा मसालेदार खाना,शाम होने के बाद ज्यादा खाना खाने से,दर्द दूर करने वाली दवा का जादा सेवन करना,पेट में तेजाब (एसिडिटी) बनने के कारण,धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन करने  से पेट की गर्मी और एसिड बढ़ जाता है। इन सभी वस्तुओं में परहेज़ जरूर करे। नही तो शीतल चूर्ण असर नही कर पाएगा।

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      जानिए पेट में गर्मी के लक्षण

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पेट में जलन होना,सीने में जलन महसूस होना, मुंह और गले में छाले पड़ना। शरीर पर छोटे छोटे लाल रंग के दाने निकलना।

   ?पेट की गर्मी का इलाज और घरेलू उपाय?

1. अरहर की दाल बारीक पीस कर इसे पीने से पेट के दर्द में आराम मिलता है और साथ ही इस उपाय से पेट की गर्मी दूर होती है।

2. एक गिलास गुनगुने पानी में 1 चम्मच हल्दी पाउडर मिला कर इस पानी से गरारे करे। इस घरेलू नुस्खे को करने पर पेट की गर्मी से राहत मिलती है।

3. पेट की गर्मी दूर करने के उपाय में थोड़ा काला नमक और निम्बू पानी मे मिला कर पिए। इससे पेट के रोग दूर होते है व पेट की अन्य समस्या से बचाव में मदद मिलती है।

4. लिवर की गर्मी होना पीलिया होने का प्रमुख कारण है, ऐसे में छाछ, नारियल पानी और गन्ने का जूस रामबाण इलाज है।

5. पेट की बीमारी ठीक करने व इससे बचने के लिए नीम काफी उपयोगी है। शरीर की गर्मी कम करने के लिए प्रतिदिन नीम का दातुन करना चाहिए।

6. पेट की गर्मी कैसे दूर करे में नींबू का रस गुनगुने पानी में मिला कर पिने से तुरंत आराम मिलने लगता है।

7. नारियल पानी हर रोज पीने से भी पेट की गर्मी से छुटकारा मिलता है।

8. गले की सूजन व पेट की गर्मी कम करने में गुड़ का पानी पीने से आराम मिलता है।

9. बबूल की छाल पीस कर इसे पानी में उबाल कर इससे कुल्ला करे। Baba ramdev के देसी नुस्खे से पेट की गर्मी के लक्षण कम होने लगते है।

10. शरीर की गर्मी कम करने और इससे बचने के लिए ठंडी चीज़ो का सेवन अधिक करे जैसे नारियल का पानी, शरबत, नींबू पानी और छाछ। शहद के सेवन से भी शरीर में ठंडक आती है।

पेट की गर्मी दूर करने के लिए क्या खाएं

 पेट की बीमारी का उपचार करने मे लस्सी और दही के सेवन करने से काफी आराम मिलता है। पेट की गर्मी को कम करने में भी लस्सी और दही फायदेमंद है। आप इन्हें अपने आहार में शामिल कर सकते है।

पेपेट में गर्मी का इलाज करने के लिए हफ्ते मे 2-3 बार चने की दाल और दही का सेवन करे।

पेथोड़ी सी चीनी और घी चावल मे मिला कर खाने से भी pet ki garmi कम करने में मदद मिलती है।

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Whats  94178 62263- 78890 53063 पर आप सिद्ध शीतल चूर्ण आप online मंगवा सकते हैं।

 मूल्य    1050 रु

कोरियर   120 रु

वज़न     500 ग्राम

ID: 1814

                   अभी whats करे 

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