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धातु रोग से परेशान रोगियों के लिए :सिद्ध धातु पुष्टि कल्प योग::पुराने से पुराने धातु रोग को जड़ से खत्म करें।
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सिद्ध धातु पुष्टि योग

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👌 सिद्ध धातु पुष्टि कल्पचूर्ण 1चम्मच
👌 चंद्रप्रभा वटी 1
👌 धातु पुष्टि गोली 3

यह एक खुराक है। सुबह शाम खाने से 30 मिनट बाद ताजे पानी से सेवन करे। साथ 200 ग्राम मिश्री युक्त दूध जरूर ले।

परहेज: गर्म ,खःटी तली वस्तु और भारी भोजन न करे। मास और शराब का सेवन न करे।


नोटः
धातु पुष्टि चूर्ण और चंद्रप्रभा वटी एक चम्मच की मात्रा में धातु पुष्टि कल्प चूर्ण दो गोली या एक गोली चद्रप्रभा वटी सुबह शाम दूध के साथ सेवन करने से धात का गिरना जानि धातु रोग दूर हो जाता है । यह योग हम 10 सालों से आश्रम में अजमा रहे हैं।


इसका सेवन 2 से 3 महीने तक करना होता है और धात का गिरना जड़ से खत्म हो जाता है वीर्य गाढ़ा होकर नपुंसकता दूर करता है और सेक्स पावर में बढ़ोतरी होती है यह बहुत अच्छा और आयुर्वेदिक योग है

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सिद्ध धातु पुष्टि कल्पचुर्ण चुर्ण के लाभः

पुराने से पुराने धातु और लकोरिया रोग में यह अयुर्वेदिक योग 100% कारगर है। जो नोजवान और महिला इस रोग से लंबे समय से पीड़ित हैं वो 90 दिन का उपयोग कर बीमारी सेेके छुटकारा पा सकते है।

सिद्ध धातु पुष्टि कल्पचूर्ण योग वीर्य को गाढ़ा और ताकतवर बना कर शरीर को शक्तिशाली बना देता है।

सिद्ध धातु पुष्टि कल्पचूर्ण योग जिगर, तीली और पेशाब में उतपन हुई गर्मी को ठीक कर शरीर को बेचैनी से मुक्त करता है।

सिद्ध धातु पुष्टि कल्पचूर्ण योग जिगर, तीली और पेशाब में उतपन हुई गर्मी को ठीक कर शरीर को बेचैनी से मुक्त करता है।

धातु पुष्टि योग गर्भवती महिलाओं में खून की कमी भी पूरी करेगा ऒर बच्चे और जचे को स्थस्थ जीवन प्रदान करेगा।

महिलाओं में जिद्दी लकोरिया जड़ से खत्म होगा। पुरषों में धातु रोग जड़ से खत्म होगा।

जाने ➡️ धातु रोग के लक्षण, उपाय, और सिद्ध धातु पुष्टि कल्पचूर्ण का अयूर्वादिक दवा और नुस्खा

 आज के युग में अनैतिक सोच और अश्लीलता के बढ़ने के कारण आजकल युवक और युवती अक्सर अश्लील फिल्मे देखते और पढते है तथा गलत तरीके से अपने वीर्य और रज को बर्बाद करते है!


अधिकतर लड़के-लड़कीयां अपने ख्यालों में ही शारीरिक संबंध बनाना भी शुरू कर देते है!*

जिसके कारण उनका लिंग अधिक देर तक उत्तेजना की अवस्था में बना रहता है, और लेस ज्यादा मात्रा में बहनी शुरू हो जाती है! और ऐसा अधिकतर होते रहने पर एक वक़्त ऐसा भी आता है! जब स्थिति अधिक खराब हो जाती है ।

और किसी लड़की का ख्याल मन में आते ही उनका लेस (वीर्य) बाहर निकल जाता है, और उनकी उत्तेजना शांत हो जाती है! ये एक प्रकार का रोग है जिसे शुक्रमेह कहते है!

वैसे इस लेस में वीर्य का कोई भी अंश देखने को नहीं मिलता है! लेकिन इसका काम पुरुष यौन-अंग की नाली को चिकना और गीला करने का होता है जो सम्बन्ध बनाते वक़्त वीर्य की गति से होने वाले नुकसान से लिंग को बचाता है! पर जब यह लेस अपने आप आता रहे तो यह विर्य थैली को कमजोर कर देता है जिस धातु रोग बोला जाता है।

आप को धातु रोग तो नही है जाने पुरी जानकारी 

धातु रोग की समस्या  ज्यादातर हस्तमैथुन या सेक्स ख्यालो  के कारण होती है ऐसे में दीर्घकालिक यौन क्रीड़ा थकान से संबंधित लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

16 से 35 साल तक नोजवानों को  धातु की ही समस्या देखी जाती है। जिस से उन को लगता है कि यह नमर्दी रोग है पर ऐसा नही होता ।

 

सपनदोष ,शीघ्र पतन,शिश्न में पानी जैसा तरल आना,कब्ज रहना, कमजोरी महसूस करना, संभोग के समय कुछ देर उतेजना के बाद उतेजना का खत्म होना,मन का कमजोर होना, पेशाब के साथ चिपचिपा पानी बहना,संभोग से डर या इच्छा न होना, पेशाब में जलन या गर्मी महसूस करना,कमर के निचले भाग में दर्द जिसकी दर्द की तरंगें नीचे तक जाएँ 

अंडकोष या पेरिनियम में दर्द,चक्कर आना,सामान्य कमज़ोरी,रात को पसीना आना, अंडकोष क्षेत्र में पसीना आना,गर्म और नम त्वचा,गर्म और नम हथेलियां और तलवे।

अगर ऐसा ही है तो यह धातू रोग है जो आदमी को तन मन से कमजोर कर देता है।

आप जी सिद्ध धातु पुष्टि कल्पचुर्ण का उपयोग कर रोग से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं।

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धात रोग का प्रमुख कारण क्या है? 

अधिक कामुक और अश्लील विचार रखना,मन का अशांत रहना ,अक्सर किसी बात या किसी तरह का दुःख मन में होना,दिमागी कमजोरी होना,व्यक्ति के शरीर में पौषक पदार्थो और तत्वों व विटामिन्स की कमी हो जाने पर।

किसी बीमारी के चलते अधिक दवाई लेने पर व्यक्ति का शरीर कमजोर होना और उसकी प्रतिरोधक श्रमता की कमी होना।

अक्सर किसी बात का चिंता करना,पौरुष द्रव का पतला होना,यौन अंगो के नसों में कमजोरी आना,अपने पौरुष पदार्थ को व्यर्थ में निकालना व नष्ट करना (हस्तमैथुन अधिक करना)

  

धातु रोग के लक्षण क्या है?

मल मूत्र त्याग में दबाव की इच्छा महसूस होना,धात रोग का इशारा करती है! 

लिंग के मुख से लार का टपकना,पौरुष वीर्य का पानी जैसा पतला होना और शरीर में कमजोरी आना।

छोटी सी बात पर तनाव में आ जाना, हाथ पैर या शरीर के अन्य हिस्सों में कंपन या कपकपी होना।

पेट रोग से परेशान रहना या साफ़ न होना, कब्ज होना,सांस से सम्बंधित परेशानी, श्वास रोग या खांसी होना!

शरीर की पिंडलियों में दर्द होना,कम या अधिक चक्कर आना,शरीर में हर समय थकान महसूस करना।

चुस्ती फुर्ती का खत्म होना,मन का अप्रसन्न रहना और किसी भी काम में मन ना लगना इसके लक्षणों को दर्शाता है।

 सिद्ध धातू पुष्टि कल्पचुर्ण


कौंचबीज बीज 100 ग्राम  , आवला चुर्ण 100 ग्राम ,तुलसी बीज  100 ग्राम ,कीकर फली 100 ग्राम,सतावरी 100 ग्राम ,बड़ दूध 100 ग्राम ,सालम पंजा  50 ग्राम,सफेद मूसली ,50 ग्राममिश्री ,100 ग्राम , 50 ग्राम मुलहठी, 25 ग्राम छोटी इलायची के बीज,3 महत्वपूर्ण भस्मों के साथ सभी लो मिलाकर चुर्ण बनाया जाता है।

कैसे सेवन करे।

दिन में 3 बार 1-1चमच्च पानी से ले। कम से कम 21 से 90 दिन कोर्स करे।

लाभः पुरषों में  सपनदोष नही होगा,धातु रोग जड़ से खत्म होगा और महिलाओं में लकोरिया रोग 100%ठीक होगा।

परहेज क्या क्या करे

गर्म मिर्च मसालेदार पदार्थ और मांस, अण्डे आदि, हस्तमैथुन करना, अश्लील पुस्तकों और चलचित्रों को देखना, बीड़ी-सिगरेट, चरस, अफीम, चाय, शराब, ज्यादा सोना आदि बन्द करें।
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उपाय पुराने से भी पुराने धात रोग को ठीक कर देता है।  वीर्य गाड़ा हो sex timing की विर्द्धि होगी। पेसाब की गर्मी औऱ जिगर की गर्मी ठीक होगी।

सिद्ध धातु पुष्टि कल्पचूर्ण मूल्य 1050 रु वजन 400 ग्राम साथ मे 250 रु में 120 धातु पुष्टि गोली भी भेजी जााएगी। यह दवा 30 दिन की होगी।

सिद्ध धातु पुष्टि कल्पचूर्ण  अयुर्वेदिक दवा आप जी online भी मंगवा सकते है। संपर्क के whats मैसिज करे Whats 94178 62263// 78890 53063

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